श्रीलंका में आर्थिक संकट से त्रस्त जनता सरकार के खिलाफ हल्ला बोल कर दिया

श्रीलंका में इस समय स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. आर्थिक संकट से त्रस्त जनता सरकार के खिलाफ हल्ला बोल कर दिया है.

श्रीलंका में आर्थिक संकट से त्रस्त जनता सरकार के खिलाफ हल्ला बोल कर दिया

श्रीलंका में इस समय स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. आर्थिक संकट से त्रस्त जनता सरकार के खिलाफ हल्ला बोल कर दिया है. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके आवास पर कब्जा कर लिया है. इसके ठीक बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा देने की पेशकश की, ताकि देश में सर्वदलीय सरकार गठित करने का मार्ग प्रशस्त हो सके. अब खबर है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास में आग लगा दी है.

प्रधानमंत्री के आवास पर लगायी आग

श्रीलंका में बेकाबू भीड़ ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जमाने के कुछ घंटों के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के आवास को आग के हवाले कर दिया. जलता हुआ प्रधानमंत्री आवास का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है.सर्वदलीय सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे रानिल. प्रधानमंत्री के मीडिया प्रभाग ने कहा कि सर्वदलीय सरकार बनने और संसद में बहुमत साबित होने के बाद वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. उनके कार्यालय ने कहा कि विक्रमसिंघे तब तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे. विक्रमसिंघे ने विपक्षी पार्टी के नेताओं से कहा कि वह इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं कि इस सप्ताह से देशव्यापी ईंधन वितरण दोबारा शुरू किया जाना है, विश्व खाद्य कार्यक्रम के निदेशक इस सप्ताह देश का दौरा करने वाले हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के लिए ऋण निरंतरता रिपोर्ट को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाना है.

हिंसक झड़प में लोग घायल

सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में सात सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 45 लोग घायल हो गए. हालांकि टीपी रिपोर्ट की मानें तो हिंसक झड़प में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं. राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर अज्ञात स्थान में ली शरण. श्रीलंका में शनिवार को होने वाले व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने शुक्रवार को अपना आधिकारिक आवास छोड़ दिया था और वह फिलहाल कहां पर हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आ सकी है.

राष्ट्रपति भवन के अंदर प्रदर्शनकारियों का तांडव

इमारत के अंदर के वीडियो फुटेज में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को कमरों और गलियारों के भीतर, जबकि सैकड़ों लोगों को बाहर के मैदान के आसपास देखा गया. कुछ वीडियो क्लिप में बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रपति भवन के स्विमिंग पुल में डुबकी लगाते नजर आ रहे हैं.

गंभीर आर्थिक संकट से त्रस्त है जनता

प्रदर्शनकारी देश में गंभीर आर्थिक संकट को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. राजपक्षे पर मार्च से ही इस्तीफा देने का दबाव बढ़ रहा है. वह अप्रैल में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कब्जा करने के बाद से ही राष्ट्रपति आवास को अपने आवास तथा कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इस बीच, श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत जूली चुंग ने शुक्रवार को देश की सेना और पुलिस से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने का आग्रह किया

शनिवार शाम को हुई सर्वदलीय नेताओं की बैठक

श्रीलंका में जारी संकट बरकरार है. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे 13 जुलाई को इस्तीफा देंगे. श्रीलंका की संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने ने इस संबंध में बताया है. अभयवर्धने ने शनिवार शाम को हुई सर्वदलीय नेताओं की बैठक के बाद उनके इस्तीफे के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने इस फैसले के बारे में संसद अध्यक्ष को सूचित किया. अभयवर्धने ने बैठक में लिए गए निर्णयों पर राजपक्षे को पत्र लिखा.

राजपक्षे जुलाई को पद छोड देंगे

पार्टी के नेताओं ने राजपक्षे और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी जिससे कि संसद का उत्तराधिकारी नियुक्त किए जाने तक अभयवर्धने के कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने का मार्ग प्रशस्त हो सके. विक्रमसिंघे पहले ही इस्तीफा देने की इच्छा जता चुके हैं. राजपक्षे ने अभयवर्धने के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि वह 13 जुलाई को पद छोड़ देंगे. शनिवार के विरोध प्रदर्शनों से पहले शुक्रवार को अपने आवास से निकलने के बाद राजपक्षे के ठिकाने का पता नहीं चला है.

राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास पर धावा बोला

प्रदर्शन के दौरान हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कोलंबो में राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर धावा बोल दिया था. राजपक्षे मार्च से इस्तीफे के दबाव का सामना कर रहे थे. वह राष्ट्रपति भवन को अपने आवास और कार्यालय के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे, क्योंकि प्रदर्शनकारी अप्रैल की शुरुआत में उनके कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कब्जा करने पहुंच गए थे. श्रीलंका एक अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है. 2.2 करोड़ लोगों की आबादी वाला देश सात दशकों में सबसे खराब दौर से गुजर रहा है.