पायलट परियोजना के तहत ट्रायल, भारतीय डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन से डाक पहुंचाया

भारतीय डाक विभाग ने पहली बार पायलट परियोजना के तहत गुजरात के कच्छ जिले में ड्रोन की मदद से डाक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि इस ड्रोन ने 25 मिनट में 46 किलोमीटर की दूरी तय की

पायलट परियोजना के तहत ट्रायल, भारतीय डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन से डाक पहुंचाया
सांकेतिक तसवीर

PILOT PROJECT: भारतीय डाक विभाग ने पहली बार पायलट परियोजना के तहत गुजरात के कच्छ जिले में ड्रोन की मदद से डाक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि इस ड्रोन ने 25 मिनट में 46 किलोमीटर की दूरी तय की। पीआईबी अहमदाबाद के मुताबिक, केंद्रीय संचार मंत्रालय के मार्गदर्शन में डाक को कच्छ जिले के भुज तालुका के हबे गांव से भचाउ तालुका के नेर गांव पहुंचाया गया। इस पायलट परियोजना के सफल होने से भविष्य में ड्रोन के जरिए डाक पहुंचाना संभव होगा।

डाक पहुंचाने का सफल पायलट परीक्षण किया

पीआईबी ने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ कदमताल करते हुए भारतीय डाक विभाग ने पहली बार देश में ड्रोन की मदद से गुजरात के कच्छ में डाक पहुंचाने का सफल पायलट परीक्षण किया है। विज्ञप्ति के मुताबिक, शुरुआती स्थान से 46 किलोमीटर दूर स्थित गंतव्य स्थान तक पार्सल पहुंचाने में ड्रोन ने 25 मिनट का समय लिया।

कर्मचारियों के बीच समन्वय को भी परखा गया

केंद्रीय संचार राज्यमंत्री देवुसिंह चौहान द्वारा ट्विटर पर साझा की गई सूचना के मुताबिक पार्सल में चिकित्सा संबंध सामग्री थी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पायलट परियोजना के तहत विशेषतौर पर ड्रोन से एक स्थान से दूसरे स्थान पर डाक पहुंचाने में आने वाली लागत का अध्ययन किया गया। साथ ही इस दौरान डाक पहुंचाने के कार्य में संलग्न कर्मचारियों के बीच समन्वय को भी परखा गया।

प्रयोग सफल रहा तो डाक पार्सल सेवा होगा तेज

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर वाणिज्यिक रूप से प्रयोग सफल रहा तो डाक पार्सल सेवा और तेज गति से कार्य करेगी। चौहान ने शनिवार को ट्वीट किया कि देश जहां ड्रोन महोत्सव 2022 मना रहा है, वहीं डाक विभाग ने गुजरात के कच्छ में ड्रोन के जरिये डाक पहुंचाने का सफल पायलट परीक्षण किया है। ड्रोन ने सफलतापूर्वक 30 मिनट में 46 किलोमीटर की हवाई दूरी तय कर दवा का पार्सल पहुंचाया।